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पेड़ लगाओ जान बचाओ

पैड लगाओ जान बचाओ  

बरगद ने पीपल से पूछा भाई ऐ शोर कैसा है पीपल ने भयभीत होकर कापते हुऐ कहा आज सुबह ही दो आदमी मेरे पास घूम घूम कर देख रहे थे 
     


उनके पास कुछ मशीन यंत्र थे मुझे लगता है उन्होंने हीरे की खान का पता लगा लिया है मैने उन आदिमियो को चर्चा करते हुऐ सुना था की जंगल को साफ करके हीरे को निकालने का काम शुरू करेंगे लगता है की अब हम नही बचेंगे बरगद अब तक चुप होकर सुन रहा था 

                              बरगद बोला पीपल ऐ इंसान महा बेवकूफ है हम उन्हे जिंदा रखने को ऑक्सीजन दे रहे है वे हम ही को मारना चाहते हैै लानत है ऐसे इंसान  फरामोश लोगो को क्या करे  एक दिन इनके पास ऑक्सीजन नही होगी तब पता चलेगा दर दर की ठोकर खायेंगे पीपल इन इंसानों को घमंड हो गया है ये लोग  फैक्ट्रियों मैं ऑक्सीजन का उत्पादन जो करा रहे है                                                              है ईश्वर

पैसों के पीछे भागने वालों को सद बुद्धि देे                          पीपल आगे कुछ कैहेता तब तक आरी ने पीपल का काम तमाम कर दिया। 



वेपरबाह मनुष्य के हत्याचार  से जंगल गूंज उठा। कुछ ही क्षणों के पश्चात सूरज की रोशनी से शरीर जलने लगे ठंडी हवा गायब हों गई और ऑक्सिजन घटने लगी